सम्राट सेना एक पंजीकृत धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक संगठन है, जिसका उद्देश्य सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति का संरक्षण व प्रचार-प्रसार करना है। संस्था राष्ट्र निर्माण, समाज में एकता और हिन्दू समाज के उत्थान के लिए निरंतर कार्यरत है। सम्राट सेना का लक्ष्य केवल धार्मिक जागरूकता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शिक्षा, सेवा, संस्कार और समाज सुधार की दिशा में भी विशेष योगदान देती है। संस्था निर्धन परिवारों की सहायता, कन्याओं का विवाह, गरीब बच्चों को शिक्षा सामग्री उपलब्ध कराना, रक्तदान एवं स्वास्थ्य शिविर आयोजित करना, गौसंवर्धन, धर्मरक्षा और समाज में व्याप्त कुरीतियों को समाप्त करने जैसे अनेक कार्य करती है। साथ ही, यह संगठन हिन्दू युवाओं को जागरूक और संगठित कर राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के विरुद्ध खड़ा होने की प्रेरणा देता है। सम्राट सेना का संकल्प है – धर्म की रक्षा, संस्कृति का उत्थान और राष्ट्र की सेवा। प्राचीन गुरुकुल परंपरा को आधुनिक शिक्षा प्रणाली से जोड़ते हुए, नैतिक शिक्षा, योग, ध्यान, और जीवन मूल्यों पर आधारित विषयों को बच्चों और युवाओं तक पहुँचाया जाता है। इससे न केवल उनका चारित्रिक विकास होता है, बल्कि वे आत्मसम्मान, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी को भी अपनाते हैं। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को जड़ से जोड़ते हुए उन्हें वैश्विक स्तर पर सक्षम बनाने का एक सशक्त प्रयास है, जहाँ आधुनिकता के साथ-साथ भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता का संतुलन बना रहता है।
सनातन धर्म जागृति सेना द्वारा समाज कल्याण हेतु अनेक कार्य किए जाते हैं, जिसमें गरीब लोगों को निशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं हेतु समय समय पर स्वास्थ्य शिविर आयोजित करना प्रमुख हैं।
सनातन धर्म जागृति सेना सभी को समान शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिले इसके लिए संस्था द्वारा समाज में समय-समय निशुल्क स्वास्थ्य सेवा कैम्प का आयोजन किया जाता है।
सनातन धर्म जागृति सेना द्वारा सभी को समान शिक्षा का अधिकार मिले इसके लिए सर्व शिक्षा अभियान कार्यक्रम का आयोजन करते हैं ताकि समाज के शिक्षा स्तर को बढ़ाया जा सके और सभी को समान अधिकार प्राप्त हों।
सभी के मानवाधिकारों का संरक्षण हेतु संस्था द्वारा समाज को जागरूक करने का कार्य समय समय पर किया जाता रहता है।
हमारे समाज को भयमुक्त और अपराध मुक्त किया जा सके इसके लिए, संस्था द्वारा अपराध विरोधी कार्यकर्मो का समय समय पर आयोजन किया जाता है।